Skip to main content

1 school 1 course 1 dress 1 guidelines

आज का ये विडियो मै फिर से स्कूलों को लेके बना रहा हूँ और ये इसीलिए जरुरी हो गया है क्यूंकि मेरे पिछले विडियो को देखके और सुनके कुछ लोगो ने अपने विचार बताये की आप स्कूल्स के खिलाफ सोच रहे है आप उन लोगो के बारे में नहीं सोच रहे है जिनका घर स्कूल्स से चलता है | Read about Bitter Truth of Schools Online Education.
tips for schools
appeal to government

तो मै ये निवेदन करना चाहता हूँ उन सम्मानीय स्कूल्स संचालको से जो की मेरी बातो को गलत ले रहे हैं मै न तो बच्चो को फीस लेने के खिलाब हूँ और न ही पढ़ाने के मैने सिर्फ वर्त्तमान की परिस्थिति को देखते हुए कुछ सवाल किये था पिछले विडियो में जिसको गलत तरीके से ले लिया गया है |

आज सुबह ZEE NEWS में आया की दिल्ली में स्थिति बिगड़ती जा रही है, मुंबई की तुलना वुहान से की जा रही है, लोगो को अस्पताल में बेड नहीं मिल रहे है |

क्या ये सब पर्याप्त नहीं है ये सोचने के लिए की ऐसी विकट परिस्थिति  बच्चो को लेके experiments नहीं किया जा सकते हैं |

जब बात जीवन और मृत्यु की हो तो सबसे पहले जीवन के लिए सोचा जाता है उसके बाद दूसरी चीज आती है “जान है तो जहान है ” |
कुछ स्कूल्स संचालको ने शिक्षा की दुहाई देना शुरू कर दिया है की जो आपके बच्चो को शिक्षा देते हैं उनके बारे में सोचिये , ऐसे सम्माननीय लोगो से मेरा एक ही सवाल है की जब इतने साल तक आपने मनमाने तरीके से  स्कूल्स चलाये तब आपको क्या पेरेंट्स के मज़बूरी का ध्यान आया था | आप तो बच्चो को नोटिस दे देते थे की फीस नहीं आई है , ड्रेस साफ़ नहीं है, नई खरीदो, जुटे फटे है नहीं चलेगे आदि आदि |

एक बात और अभी मैंने sms के माध्यम से पढ़ा की कुछ लोगो ने ये भी कहा है की फीस नहीं भरेंगे लोग तो स्कूल्स के खर्चे कहाँ से निकलेंगे, तो यहाँ मै ये कहना चाहूँगा की जब रोजगार चलेगा तो कोई माता पिता आपको फीस दे पायेगा नहीं तो देगा कैसे | हर व्यक्ति तो इतना संपन्न नहीं है की घर बैठे FD के ब्याज से मस्त हो के जीता रहे |

कुछ लोगो ने स्कूल्स पर लोन होने का हवाला भी दिया है तो इसके लिए पालक जिम्मेदार नहीं है, ज्यादा मुनाफा कमाने के चक्कर में जिन स्कूल्स ने जमीने खरीदी, बड़ी बड़ी बिल्डिंग्स तानी, उन सब के लिए पेरेंट्स क्यों जिम्मेदारी ले |
why parents are responsible for school debts
parents are not responsible for debts

पेरेंट्स फीस देना चाहता है, पेरेंट्स अपना पेट काट के बच्चे को पढाता है, पेरेंट्स दिन रात इसीलिए मेहनत करता है ताकि उसका बच्चा उससे अच्छा बने और सेटल हो जाए और इसी के लिए वो उसे स्कूल्स भेजता है परन्तु यहाँ भी एक और दृश्य है जिसे समाज में देखा जाता है ?
  1. अलग अलग स्कूल्स के courses अलग अलग होते हैं|
  2. सब स्कूल्स के ड्रेस कोड अलग होते हैं |
  3. सब के फीस अलग होते हैं |
  4. सबके यहाँ सुविधा अलग होती है |

और जब अलग अलग स्कूल्स के बच्चे और माता पिता कही किसी कार्यक्रम में मिलते हैं तो उनमे भी न चाहते हुए भी हीन भावना देखि जाती है | सबको लगता है की उनका बच्चा ज्यादा अच्छे स्कुल में पढता है | और एक दुसरे को निचा दिखाने का तरीका भी वे निकालते रहते हैं |

बच्चो पर भी इस मानसिकता का असर देखा जाता है |

क्या इसी शिक्षा पद्धति की दुहाई स्कूल्स संचालक देना चाहते हैं जिसमे बच्चो में ज्ञान की जगह सिर्फ हीन भावना, नकारात्मक प्रतियोगी भावना पैदा होती है |

कुछ लोग तो आपको ऐसे बात करते हुए भी मिलेंगे की उस स्कुल के बच्चो से दूर रहना, वे अच्छे नहीं होते |क्या आप सोच सकते हैं की भारत में शिक्षा का दृश्य किस रूप में बदलता जा रहा है |

अब शिक्षण संस्थाएं भी एक इंडस्ट्री का रूप ले चुकी है जहाँ सिर्फ शिक्षा की जगह किताबे, ड्रेस, और समय समय पर दुसरे चीजो को बेचा जा रहा है | परन्तु इसके बावजूद भी एक आम आदमी शिक्षको का सम्मान करता है क्यूंकि उसे अपने बच्चो को पढ़ाना है क्यूंकि बिना पढ़ाई के उसे आगे जाके नौकरी नहीं मिल सकती |

कुछ संचालको ने स्कुल के फीस को गुरु दक्षिणा से जोड़ा है उन लोगो को ये कहते हुए मुझे अफ़सोस हो रहा है की आप दक्षिणा और फीस में अंतर ही नहीं जानते हैं, दक्षिणा वो होती है जो शिष्य स-सम्मान अपनी हेसियत के अनुसार गुरु को दे न की उससे जबरदस्ती ली जाए | अतः गलत उदाहरण देना बंद करे |
dakshina and fees are not same
dakshina and fees are different things

आज स्कूल्स वो स्थान नहीं रह गया है जहा से बच्चा विद्वान् बनके निकलता है अपितु एक ऐसा बोझ लेके निकलता है जिसके बाद उसे अपना भविष्य अन्धकारमय लगता है| छोटे स्कुल में पढने वाले हीन भावना लेके निकलते है, बड़े स्कुल में पढने वाले अहंकारी हो के निकलते हैं | कुछ स्कूलों के विद्यार्थी ये सोचते हैं की हम तो छोटे स्कूलों से निकले है हम क्या कर पायेंगे और जो बहुत अच्छे और बड़े बड़े स्कूलों से निकलते है वो ये सोचते हैं की अगर वे किसी और जगह से पढ़ते तो स्थिति और बेहतर होती |

बड़े संस्थानों से पढ़ाई पूरी करके निकलने के बाद कोई देश में नहीं रहना चाहता है वो विदेश में बसना चाहता है क्यूंकि उसके अन्दर देश को लेके कोई भावना स्कूल्स और कोलेजो में नही डाली जाती है | इस प्रकार की शिक्षा की दुहाई न ही दे संचालकगण तो अच्छा है |

सरकार को अब एक ठोस कदम उठाने की जरुरत है :

1 school, 1 course, 1 dress, 1 guideline !

जी हाँ ! अगर सरकार इस फैसले को लेले तो देश की शिक्षण व्यवस्था एक नया रूप लेगी और सही मायने में  बच्चे शिक्षित हो पायेंगे |
  • सभी स्कूल्स में एक पाठ्यक्रम को रखा जाए
  • सभी के लिए एक ड्रेस कोड हो
  • सभी के यहाँ फीस भी एक जैसी हो और सरकार का इसमें सीधे हस्तक्षेप हो |
  • हर एरिया के बच्चे वही के स्कुल में जाएँ|
  • हर शिक्षक की सैलरी भी सरकार फिक्स करे और उनकी नियुक्ति भी सरकार करे |
  • किताबे हर दूकान पे मिले जिससे commisankhori बंद हो |
  • स्कूलों के आधार पे बच्चो के साथ जो भेद भाव बढ़ता जा रहा है ये तभी बंद हो सकता है जब इस सभी स्कूलों को एक कर दिया जाये |

1 school 1 course 1 dress 1 guidelines

आखिर में मै फिर ये कहना चाहूँगा की एक आम आदमी जो की अपने से ज्यादा अपने बच्चो के बारे में सोचता है वो कभी भी स्कूल्स के खिलाफ नहीं सोच सकता है , वो सिर्फ बदलते हुए environment से परेशान है |

जहाँ माननीय प्रधान मंत्री जी पुरे देश को एक नई उंचाइयो पे लेजाने के लिए २४ घंटे लगे हुए हैं वहां अब स्कूलों के लिए भी नई निति की आवश्यकता है क्यूंकि बच्चे ही देश का भविष्य है इनके लिए अगर सही निति नहीं बनाई जाएगी तो एक बेहतर देश नहीं बन पायेगा |

आप क्या सोचते हैं , अपने विचार कमेंट के माध्यम से जरुर शेयर करे |

1 school 1 course 1 dress 1 guidelines

Comments

Popular posts from this blog

Reach Indian Bazar

Do Contact Indian Bazars For Following ServicesBlogsWebsiteOnline MarketingReviewsSchool BlogsHospital BlogsAutobiography BlogPersonal BlogPhotography BlogAdvertisementMarketing BlogOptimized Blogs
email Your Requirement At "indiabazars@gmail.com"
You can also call on +91 7000 230 633 for any doubt clarification.
If you are running any business or service and want to update your clients, customers regularly via your own blog then you can hire blogger to get an optimized blog. You an make your reach globally through optimized blog and also you can increase your sales and income.  In present scenario, blogging is necessary and become essential part of any business or service provider. People are searching the bazaar online and give order or hire service provider. 
"Indian bazar" is full of opportunities and so there is a great scope to build yourself to become a successful entrepreneur. 
Contact Blogger To Get Optimized Blogs>>

Contact us of Indian bazaar, co…

Indian Franchise Provider To Start A Computer Center

Review of ABCSA, Best Franchise Provider To Open Computer Centre, how to certify computer Institute from trusted Institution, Start computer centre at very low investment, Best opportunity to earn.   Indian bazars always provide the needed details to visitors to know about the best indian markets and here again Indian bazaar is providing details about an autonomous institution which is running for years and generating computer literates in India. A National Level Computer Awareness Programme by ABCSA. Read below more about this institution in India.

Akhil Bhartiya Computer Siksha Abhiyan(ABCSA) is one of the best institution established to provide computer education in India. It is an ISO certified institution and Registered under NCT DELHI working successfully for the years all over India.

It is one of the best institution which is providing opportunities to the job seeker and the person who want to become Entrepreneur, who want to do something of own, who want to enter in computer …

Know Who Touched Phone ?

Know Who Touched Phone, special spy app. To capture the image of a person who touched to enter in your phone or mobile. 

Mostly it happens that we keep our phone in home or office and forget for sometimes and in this case some people who are habitual of seeing what is present in others pocket try to open phone.  Now by using technology we can know that who has tried to unlock phone without permission, this third eye facility can by activated by installing special app in our mobile. Now we can catch thief easily by using technology.  Let’s know about some Apps which catch who tried to touch phone in your absence:Who Tried To Unlock My Phone:  This Security Apps is available in google play store which catch the image of person who tried to use phone without knowing security option of your phone. When someone try to open then the front camera automatically activated and click the face of person.  One can easily trace the picture of friends, family members, colleague etc by using this sec…