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Vasiyat Kaise Banaaye In Hindi

bhartiya kanoon ke hisab se vasiyat kaise likhe janiye hindi me
Vasiyat Kaise Banaaye In Hindi

भारत में लोग वसीयत बनाने में थोडा झिझकते हैं और ज्यादातर माध्यम वर्गीय लोग में इसको लेके बहुत सारी उलझाने हैं. परन्तु वर्त्तमान में वसीयत बहुत जरुरी है ताकि घर के मुखिया के जाने के बाद परिवार वालो को कोई परेशानी न आ सके.
आइये जानते हैं की वसीयत को लेके क्या पारंपरिक सोच समाज में व्याप्त है?
  1. वसीयत बनाने में बहुत झंझट होता है. 
  2. हम क्यों सोचे की हमारे मरने के बाद क्या होगा. 
  3. सेवा निवृत्ति के बाद बनाऊंगा.
  4. बुढ़ापा आने दो फिर बनाऊंगा 
  5. मेरे मरने के बाद तो अपने आप ही परिवार के लोगो को मेरी संपत्ति मिल जायेगी.
  6. मैंने नामांकन/नॉमिनेशन करवा रखा है. 
  7. मै अभी जवान हूँ.
  8. मेरे परिवारवाले क्या सोचेंगे.
  9. वसीयत बनाने में धन और समय क्यों बर्बाद करूँ .

वसीयत क्या होता है?
वसीयत को अंग्रेजी में WILL कहते हैं, वसीयत एक क़ानूनी दस्तावेज होता है जो की वसीयत बनाने वाला बनाता है जिसमे ये लिखा होता है की उसके शारीर छोड़ने के बाद उसकी संपत्ति का वारिस कौन होगा. 
वसीयत परिवार के लिए बहुत उपयोगी और महत्त्वपूर्ण होता है और ये दस्तावेज संपत्ति के बंटवारे में भी बहुत मदद करता है. 
आइये जानते हैं वसीयत का महत्त्व:
  • वसीयत में व्यक्ति अपनी सारी संपत्ति का ब्यौरा दे सकता है. 
  • व्यक्ति अपनी इच्छा से अपना उत्तराधिकारी चुन सकता है. 
  • वसीयत के द्वारा मुख्य व्यक्ति के जाने के बाद परिवार के सदस्यों के बीच विवाद की स्थिति को बचाया जा सकता है. 
  • आप शांति पूर्ण जीवन जी सकते हैं.

वसीयत कौन लिख सकता है?
  1. वसीयत कौन लिख सकता है इसके बारे में जानकारी Section 59 of the Indian Succession Act में दिया गया है. 
  2. अगर आप १८ साल से ज्यादा के हैं तो वसीयत लिख सकते हैं. 
  3. अगर आप वसीयत लिख रहे हैं तो आप मानसिक रूप से पुरे स्वस्थ होने चाहिए. 
  4. वसीयत बनाने वाला किसी भी प्रकार के दबाव में नहीं होना चाहिए. 

वसीयत में किन-किन चीजो को शामिल करे?
खुद की कमाई चल और अचल संपत्ति जैसे की केश, घर का सामान, गहने, बैंक में जमा राशि, पी.एफ. , शेयर्स, किसी व्यापार या कंपनी में हिस्सेदारी, खेत, मकान, दूकान, जमीन-जायदाद आदि. 
आइये जानते हैं की वसीयत का आम तरीका क्या है?

  • वसीयत का कोई कठोर नियम नहीं है | इसे आप स्वयं अपने हाथो से सादे कागज़ पर लिख सकते हैं. 
  • वसीयत लिखते समय कुछ बातो का ध्यान अवश्य रखे जैसे –
  • आपके मृत्यु के बाद आपका उत्तराधिकारी कौन होगा, उसके साथ आपका क्या सम्बन्ध है, उसके माता-पिता का क्या नाम है, आपका पूरा पता क्या है. 
  • वसीयत में अपनी पूरी जायदाद की जानकारी दीजिये अन्यथा बाद में विवाद की स्थिति बन सकती है. 
  • वसीयत किसी भी भाषा में कर सकते हैं आप. 
  • जितने पेज पर वसीयत होगी उतने पेज पर गवाहों के हस्ताक्षर जरुरी है. 

वसीयत बनाने का सबसे अच्छा तरीका?
  1. सादा कागज ले 
  2. अपनी सारी सम्पात्ति का ब्यौरा लिखे.
  3. उसमे ऐसा लिखे की आप अपने पुरे होशो-हवास में ये घोषणा करते हैं की आपके बाद आपकी जमीन, जायदाद, सम्पात्ति, किसको मिलेगी. 
  4. इसके बाद आपको 2 गवाह चाहिए जो आपकी लेखन या हस्ताक्षर को पहचानते हैं. 
  5. हर पेज पर गवाहों के हस्ताक्षर ले और खुद का भी हस्ताक्षर करे और अंगूठा भी लगवाएं. 
  6. अगर वसीयत में हस्ताक्षर लेने वाले गवाहो में से किसी की मृत्यु हो जाए तो वसीयत फिर से बनानी चाहिए. 
  7. इस वसीयत को रजिस्ट्रार ऑफिस जाकर रजिस्टर्ड कराएं और रजिस्ट्रार के रजिस्टर में इसकी एंट्री भी करवाएं। इससे आपकी वसीयत कानूनी तौर पर पूरी मान्य हो जायेगी. 
  8. आप उसमे ऐसा भी लिख सकते हैं की मेरी जो वसीयत रजिस्टर्ड न हो,उसे न माना जाए।

वसीयत बना के आप अपनी संपत्ति को आसानी से अपने घरवालो को बाँट सकते हैं अपने मृत्यु के बाद.

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