Blood Pressure Karan Aur Ilaaj Hindi Me

Blood Pressure Karan Aur Ilaaj Hindi Me, क्या है ब्लड प्रेशर, क्या प्रभाव होता है बी.पी. का शारीर पर, कैसे नियंत्रित करे ब्लड प्रेशर को प्राकृतिक तरीको से, ब्लड प्रेशर का प्राकृतिक इलाज.
Blood Pressure Karan Aur Ilaaj Hindi Me, क्या है ब्लड प्रेशर, क्या प्रभाव होता है बी.पी. का शारीर पर, कैसे नियंत्रित करे ब्लड प्रेशर को प्राकृतिक तरीको से, ब्लड प्रेशर का प्राकृतिक इलाज.
Blood Pressure Karan Aur Ilaaj Hindi Me
आज संसार में अधिकतर लोग हाई ब्लड प्रेशर से ग्रस्त है जिसको उच्च रक्त चाप भी कहा जाता है. ये काफी घातक हो सकता है अगर सही समय पर उचित ध्यान न दिया जाए.
हमारा ह्रदय लगातार २४ घंटे, ३६५ दिन , बिना रुके रक्त को शुद्ध करके पुरे शारीर में पहुंचाता रहता है इसी लिए इसे ब्लड पम्पिंग स्टेशन भी कहते हैं. रक्त को दुसरे भागो में पहुचाने के लिए ह्रदय जो दबाव डालता है उसे ब्लड प्रेशर या रक्तचाप कहते हैं. जब तक ये दबाव सामान्य रहता है तब तक सब ठीक रहता है परन्तु जब ह्रदय को अधिक दबाव लगाना पड़ता है तब इसे उच्च रक्तचाप कहते हैं.

आइये समझते हैं सिस्टोलिक और डायास्टोलिक प्रेशर को :

जब ह्रदय रक्त को शारीर के दुसरे भागो में भेजने के लिए सिकुड़ता है तो उसे सिस्टोलिक प्रेशर कहते हैं और जब ह्रदय रक्त को ग्रहण करता है तो फैलता है इसे डायास्टोलिक प्रेशर कहते हैं. इन दोनो के संतुलिक दबाव को ब्लड प्रेशर कहते हैं.
जानकारी के अनुसार बच्चो में रक्त चाप ८०/५० , व्यस्को में १२०/७० तथा वृद्धो में १४०/९० तक हो सकता है सामान्यतः. 

आइये अब जानते है की उच्च रक्त चाप की बीमारी से ग्रस्त होने से पहले क्या शारीर में क्या चिन्ह नजर आ सकते हैं:

  1. सिरदर्द रह सकता है
  2. सर भारी सा रह सकता है
  3. चक्कर आ सकते हैं
  4. थकान रह सकता है
  5. स्वभाव में चिड चिड़-चिड़ापन रह सकता है
  6. किसी काम में जी नहीं लगता है
  7. पाचन में समस्या उत्पन्न हो सकती है
  8. नींद भी सही नहीं आती है
  9. बैचैनी बनी रहती है
  10. धड़कन तेज हो जाती है
  11. सीढ़ियाँ चढ़ने पर सांस फूलने लगती है

आइये अब जानते हैं की हाई ब्लड प्रेशर का इलाज न करवाने पर क्या हो सकता है ?

अगर उपरिलिखित चिन्ह उत्पन्न हो तो तुरंत चिकित्सक से सलाह लेना चाहिए अन्यथा गंभीर रोग हो सकते हैं जैसे –
  • लकवा हो सकता है
  • गुर्दों से सम्बंधित रोग हो सकते हैं
  • हार्ट अटैक हो सकता है
  • आँखों से सम्बंधित रोग हो सकते हैं
  • वाहन चलाते हुए अचानक से चक्कर आ सकते हैं और दुर्घटनाये हो सकती है

आइये अब जानते हैं की उच्च रक्त-चाप के क्या कारण हो सकते हैं?

  • खान-पान, रहन–सहन और वातावरण का बहुत अधिक प्रभाव होता है हमारे शारीर और मन पर जिसके कारण विभिन्न प्रकार के रोग उत्पन्न हो सकते हैं.
  • अधिक मिर्च-मसाले खाने से उच्च रक्त चाप हो सकता है
  • अधिक शक्कर/चीनी खाने से भी हाई ब्लड प्रेशर हो सकता है
  • तली –गली चीजो को ज्यादा खाने से भी समस्या उत्पन्न हो सकती है
  • वासा युक्त भोजन रोजाना खाना भी खतरनाक हो सकता है
  • इनके अलावा नशे की वस्तुओं का प्रयोग करना भी उच्च रक्त-चाप को जन्म देता है
  • अगर आपके मन में लगातार भय बना हुआ है तो भी उच्च रक्त चाप हो सकता है.
  • लगातार चिंता या शोक में रहने से भी हाई ब्लड प्रेशर हो सकता है.
  • मोटापा या मधुमेह के रोगियों को भी रक्त चाप समस्या हो सकती है.
  • गर्भ निरोधक गोलियों को लम्बे समय तक खाने वाली महिलाओ में भी रक्त चाप की समस्या देखी गई है

आइये अब जानते हैं उच्च रक्त चाप की चिकित्सा के बारे में :

हर प्रकार की चिकित्सा में उच्च रक्त चाप को नियंत्रित करने के लिए औषधि है जैसे एलॉपथी से भी इलाज कर सकते हैं, आयुर्वेद से भी कर सकते हैं, होमियोपैथी से भी कर सकते हैं, प्राकृतिक चिकित्सा से भी कर सकते हैं, योग से भी कर सकते हैं, एक्यूप्रेशर से भी कर सकते हैं.
यहाँ हम प्राकृतिक तरीको को जानेंगे जिससे की सुरक्षित और सही रक्त चाप को बनाए रखा जा सके –
  1. रोज दिन में ४ से ५ बार आधा कप गर्म पानी में आधा निम्बू निचोड़ कर पीना चाहिए. इससे ह्रदय को बल मिलता है, cholesterol को नियंत्रित करता है, पाचन तंत्र भी मजबूत होता है.
  2. दिन में एक बार खाली पेट शहद और प्याज का रस बराबर मात्रा में लेना चाहिए , कुछ दिनों में बहुत अच्छा बदलाव नजर आएगा.
  3. रात्रि में सोने से पहले १ गिलास पानी में १ चम्मच मैथी दाना भिगो दे और सुबह खाली पेट पानी पी ले.
  4. अपने दिनचर्या को बैलेंस करिए अर्थात ज्यादा काम लगातार न करे और जयादा आराम भी न करे.
  5. ज्यादा चिंता न करे, मानसिक तरंगो को नियंत्रित करने के लिए होमियोपैथी या आयुर्वेदिक औषधि का प्रयोग करे.
  6. लो सोडियम साल्ट का प्रयोग शुरू करे वो भी सिमित मात्र में
  7. प्राणायाम रोज करे जिससे की श्वास नियंत्रित होती है, फेफड़े मजबूत होते हैं , ह्रदय को को भी मजबूती मिलती है.
  8. ताली योग और हास्य योग का प्रयोग भी बेहतर होगा.
  9. अच्छे किस्म के संगीत सुने जिससे मन शांत और प्रसन्न होता है.
  10. भोजन में फाइबर शामिल करे.
इनके अलावा चिकत्सक से परामर्श लेके स्वस्थ और सम्पूर्ण जीवन आप जी सकते हैं.
क्या है ब्लड प्रेशर, क्या प्रभाव होता है बी.पी. का शारीर पर, कैसे नियंत्रित करे ब्लड प्रेशर को प्राकृतिक तरीको से, ब्लड प्रेशर का प्राकृतिक इलाज.

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