Eating Disorders Symptoms And Ways Of Treatment

Eating Disorders Symptoms And Ways Of Treatment, भोजन सम्बंधित विकार कारण और समाधान, types of eating disorders, जानिए भोजन सम्बंधित विकारों के प्रकार.
Eating Disorders Symptoms And Ways Of Treatment, भोजन सम्बंधित विकार कारण और समाधान, types of eating disorders, जानिए भोजन सम्बंधित विकारों के प्रकार.
eating disorder symptoms and treatment ways
Food is the main cause of many type of diseases in body and there is an important disorder which is related to eating food and i.e. known as EATING DISORDER.  There are many dangerous impacts of eating disorder in our life like it affects our working capability, it affect our health, it affect our nature etc. Some people eat more than requirement and some eat less than requirement, both the conditions are dangerous for health. Some are habitual to eat unhealthy food which is also not good.
In this article we are going to see some eating disorder and there impacts in our life.
We have often see in society that some people are very conscious of healthy eating and some try to find excuses to not eat food. Some eat sweets too much and some avoid them completely. Some depends upon dietary supplements and some are not even taking the needed powers.  All these come under eating disorders.

Let’s Know About Some Eating Disorders:

Anorexia nervosa, bulimia nervosa, binge eating disorder, pica disorder, rumination disorder, restrictive eating disorder, night eating disorder etc.
  1. Anorexia nervosa- This is a eating disorder in which person looses weight. This type of people try to control there weight in any way and so there daily work and professional and personal life gets affected. This type of people intake very less calorie. They also adopt other ways too much like to vacate stomach, taking medicines to free stomach from food, vomiting etc. These types of ways are very dangerous when person become habitual to do that even after getting the desired weight. Some people become serious by adopting these ways.
  2. Bulimia nervosa- This is another type of eating disorder in which person is not able to control there eating habit. They eat too much in less time. After eating they realize there mistake and then start feeling awkward.
  3. Binge eating disorder – In this eating disorder person is habitual of taking more food then necessity. These type of people know that they are suffering from eating disorder but they don’t take any measure to control it.
  4. Pica Disorder- In this patient eat non-eatable items like as soil, soap, cloth, talcum powder, chalk, iodex, etc. This type of eating disorder is not good from the point of view of personal health and social health. Some people become addict and become severe with time if not control the habit in time.
  5. Rumination disorder- In this food comes to mouth after eating. Person feels uncomfortable and vomits sometime. This is very dangerous because some person eat very less to control this and suffer from malnutrition.
  6. Restrictive Food Intake disorder- In this eating disorder person don’t take proper food and suffer from malnutrition. One of the reason of this is to not have interest in any type of food. Due to this patient suffer from lack of vitamins, minerals, proteins, etc. which affect the health.

Now let’s Know About How To Treat Eating Disorders:

There are many ways through which we can control eating disorder, after proper diagnosis of problem, consultant use the needed way to treat the disease.
  • Use of Medicines- Medicines are not the permanent solutions of any disorder but if any one is eating due to any depression then doctor provide anti depression medicines for sometime.
  • Counselling is another best way in which proper guidance is given to patient to control the habit naturally.
  • Use of homeopathy is another alternative way. In homeopathy there are many good medicines available which can control the feelings to not eat over or less.
  • With this some other ways are psychotherapy, cognitive behavioral therapy, family based therapy are also used to treat eating disorder.
So if anyone has any abnormal habit of eating then don’t ignore it, observe the habit and then try to find out the reasons by continuous observation and then take proper guidance from doctor or consultant.

आइये जानते हैं हिंदी में ईटिंग डिसऑर्डर के बारे में :

भोजन बहुत से रोगों का मुख्य कारण होता है. एक मुख्य विकार जो लोगो में पाया जाता है जिसका सम्बन्ध सिर्फ भोजन से होता है ऐसे विकार को ईटिंग डिसऑर्डर या खाने के विकार के नाम से जाना जाता है. खाने के विकार का व्यक्तिगत जीवन ओर सामाजिक जीवन पर बहुत गलत असर पड़ता है. कुछ लोग जरुरत से ज्यादा खाते हैं और कुछ लोग जरुरत से कम खाते हैं, दोनों ही स्थितियां स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है. कुछ लोग अस्वास्थ्यकर भोजन करने के आदि होते हैं , ये भी हानिकारक है.
इस लेख में हम भोजन से सम्बंधित विकार के बारे में पढेंगे ताकि हम इनको जानके सही इलाज ले सके.
हमने अक्सर देखा है समाज में की कुछ लोग अच्छा भोजन खान के लिए बहुत जायदा सावधानी बरतते हैं और कुछ लोग खाने से बचने के लिए विभिन्न प्रकार के कारण ढूंढते हैं. कुछ लोग मीठा बहुत अधिक खाते हैं और कुछ लोग तो जरुरत की चीजे भी नहीं खाते हैं. ये सभी किसी न किसी प्रकार के विकार है.

आइये अब जानते हैं विभिन्न प्रकार के विकारो के बारे में :

एनोरेक्सिया नर्वोसा, बुलिमिया नेर्वोसा, बिंज ईटिंग डिसऑर्डर, पिका विकार, रूमीनेशन डिसऑर्डर, रेस्ट्रिक्टिव डिसऑर्डर, रात्रि में खाने का विकार आदि.
  1. एनोरेक्सिया नर्वोसा – इस विकार के अंतर्गत व्यक्ति का वजन अत्यधिक कम हो जाता है इसका मुख्य कारण ये है की व्यक्ति अपने वजन को नियंत्रित करने के लिए बहुत अधिक प्रयास करता है जिससे की उसकी दिनचर्या प्रभावित होती है, व्यक्तिगत जीवन प्रभावित होता है और कामकाजी जीवन भी प्रभावित होता है. ऐसे लोग बहुत कम कैलोरी लेने लग जाते हैं और कुछ उपाय भी अपनाते हैं जिससे की पेट को खाली रखा जाए जैसे दवाये लेना पेट खाली करने के लिए, उल्टी करके पेट खाली करना आदि. ये आदते तब बहुत खतरनाक होती है जब व्यक्ति उचित वजन प्राप्त कर लेता है परन्तु फिर भी उपाय बंद नहीं करता है. कुछ लोग गंभीर बिमारी से भी ग्रस्त हो जाते हैं , इस आदतों के कारण.
  2. बुलिमिया नर्वोसा – इस विकार के अंतर्गत व्यक्ति का खाने पर नियंत्रण नहीं रहता है. ऐसे लोग बहुत कम समय में बहुत ज्यादा खाते हैं और खाने के बाद पछताते हैं.
  3. बिंज विकार – इसके अंतर्गत व्यक्ति को जरुरत से ज्यादा खाने की आदत होती है परन्तु सब जानते हुए भी वो उसे नियंत्रित करने के लिए कोई कदम नहीं उठाता है.
  4. पिका विकार- इस विकार के अंतर्गत व्यक्ति को न खाने योग्य वस्तुओ को खाने की आदत होने लगती है जैसे मिटटी, आयोडेक्स , साबुन, कपडा, चाक, टेलकम पाउडर आदि. ये आदत खुदके लिए और सामाजिक तौर पर भी उचित नहीं होती. कुछ लोग तो इन्हें खा के गंभीर हो जाते हैं.
  5. रूमीनेशन विकार – इस विकार के कारण भोजन के बाद खाना मूंह में आता है जिससे की बैचैनी, उल्टी आदि होता है. इसके भय से व्यक्ति कम खाने लगता है और कुछ लोग तो कुपोषण के शिकार भी होने लगते हैं.
  6. रेस्ट्रिक्टिव फ़ूड इन्टेक डिसऑर्डर – इस रोग के अंतर्गत व्यक्ति उचित मात्रा में भोजन नहीं करता है क्यूंकि उसे किसी भी खाने में स्वाद नहीं आता है. इससे व्यक्ति कुपोषण का शिकार होने लगता है. इस प्रकार की आदतों का स्वास्थ्य पर गंभीर असर होता है.

आइये अब जानते हैं की भोजन से सम्बंधित विकारों का इलाज कैसे किया जा सकता है –

भोजन सम्बंधित विकारों को दूर करने के लिए कई प्रकार के तरीको का इस्तेमाल किया जाता है. रोग के बारे में सही पता करके ही उचित तरीका स्तेमाल किया जाता है.
  • कुछ रोगों जो की अवसाद के कारण होता है , उनके लिए एंटी-डिप्रेशन की दवाये भी दी जाती है कुछ समय के लिए.
  • काउन्सलिंग द्वारा भी रोगी को सही जानकारी दे के उसे आदतों को बदलने की सलाह दी जाती है.
  • कुछ होमियोपैथी दवाओं के द्वारा भी खाने से सम्बंधित भावनाओं को बदला जाता है.
  • इसके अलावा साईकोथेरेपी, कोगनिटिव बेहविअर थेरेपी , फॅमिली बेस्ड थेरेपी का भी प्रयोग किया जाता है.
अगर कोई भी व्यक्ति किसी भी प्रकार से असामान्य व्यवहार कर रहा हो तो उसे सही परामर्श लेके स्वस्थ जीवन जीना चाहिए.

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