Ujjain Me PANCHKROSHI Yatra Ka Mahattw

उज्जैन में पंचक्रोशि यात्रा का महत्त्व, जानिए क्यों करते हैं पंचक्रोशी यात्रा उज्जैन में. 
उज्जैन में पंचक्रोशि यात्रा का महत्त्व, जानिए क्यों करते हैं पंचक्रोशी यात्रा उज्जैन में.
उज्जैन पंचक्रोशी यात्रा 

२०१७ में पंचक्रोशी यात्रा की तारीख रहेगी 21st april 2017 to 26th April 2017 तक.

पंचक्रोशी यात्रा एक अध्यात्मिक यात्रा है जो की साल में एक बार ही होती है. ये यात्रा ११८ किलोमीटर की होती है जिसमे भक्तगण पैदल ही चलते हैं और ५ दिनों में पूरी करते हैं. 
जहाँ गर्मियों में हम कुछ मिनुत वातानुकूलित या कूलर के बिना नहीं रह सकते हैं वहीँ भक्त भरी गर्मी में पैदल चलके इस यात्रा का पुण्य अर्जित करते हैं. 

आइये जानते हैं उज्जैन में पंचक्रोशी यात्रा का महत्व

इस यात्रा के दौरान भक्त ४ महादेवो से आशीर्वाद प्राप्त करते हैं जो की ८४ महादेवो में आते हैं. ऐसी मान्यता है की पुण्यमयी नगरी अवंतिका की परिक्रमा बहुत ही लाभ देती है और कैद दोषों को काटती है. इसी कारण दूर दूर से लोग इस यात्रा में शामिल होते हैं.

४ मुख्य महादेव पंचक्रोशी यात्रा के दौरान :

  1. पिंगलेश्वर महादेव जो की उज्जैन के पूर्व में है.
  2. कायावरोहण महादेव जो की दक्षिण में है.
  3. बिल्केश्वर महादेव जो की पश्चिम में है.
  4. दुर्देश्वर महादेव जो की उत्तर में हैं.
लोग पंचक्रोशी यात्रा अपने परिवार, मित्रो, सथिगाण आदि के साथ करते हैं. बच्चे भी इस यात्रा में बहुत उत्साह से शामिल होते हैं. लाखो लोग हर साल इस यात्रा को बाबा की कृपा से पूर्ण करते हैं.

आइये जानते हैं कुछ ख़ास बाते पंचक्रोशी यात्रा के बारे में:

  • ये परिक्रमा ११८ किलोमीटर की होती है.
  • इस यात्रा के दौरान लोग ४ महादेवो के मंदिर में विशेष प्रार्थना, पूजा , अर्चना करते हैं.
  • ये यात्रा ६ दिनों में पूरी की जाती है.
  • भक्तगण इस यात्रा की शुरुआत नागचंद्रेश्वर मंदिर जो की हरसिद्धि के पीछे है से आशीर्वाद लेके करते हैं.
  • इस यात्रा में ७ पड़ाव आते हैं जहाँ लोग रुकके आराम करते हैं.
  • ये यात्रा शिप्रा नदी के किनारे समाप्त होती है.

आइये अब जानते हैं पंचक्रोशी यात्रा में पड़ावो के बारे में:

पड़ाव उन जगहों को बोलते हैं जहाँ रुकके लोग आराम करते हैं यात्रा के दौरान. जो लोग यात्रा में चल नहीं पाते हैं वे लोग इन पड़ावो में भक्तो के लिए अन्न, जल, दवा का इन्तेजाम करके सेवा करते हैं और पुण्य लाभ लेते हैं.
  1. पंचक्रोशी में पहला पड़ाव पिंगलेश्वर आता है जो की नागचंद्रेश्वर मंदिर से १२ किलोमीटर पर आता है.
  2. पंचक्रोशी में दूसरा पड़ाव कायावरोहनश्वर है जो की पिंगलेश्वर से २३ किलोमीटर पर पड़ता है.
  3. पंचक्रोशी यात्रा का तीसरा पड़ाव है नलवा जो की करीब २१ किलोमीटर है में कायावरोहनश्वर से.
  4. पंचक्रोशी यात्रा का चौथा पड़ाव है बिल्केश्वर जो की ८ किलोमीटर है नलवा से.
  5. पंचक्रोशी यात्रा का पांचवा पड़ाव है कलियादेह महल जो की बिल्केश्वर से २१ किलोमीटर पर है.
  6. यात्रा का छठा पड़ाव है दुर्देश्वर जो की कालिया देह महल से १२ किलोमीटर पर है.
  7. यात्रा का सातवां पड़ाव है उंडासा जो की १६ किलोमीटर पर है दुर्द्रेश्वर से.
  8. पंचक्रोशी यात्रा का का समापन शिप्रा नदी के किनारे होता है जो की उंडासा से १२ किलोमीटर पर है.
अतः इस यात्रा में भाग लीजिये और अपने जीवन को धन्य करिए.
उज्जैन में सरकार विशेष तैयारी करती है इस यात्रा को सफलता पूर्वक पूरा करने के लिए सभी को पंचक्रोशी यात्रा के लिए शुभकामनाएं

Panchkroshi yatra in ujjain significance in english

उज्जैन में पंचक्रोशि यात्रा का महत्त्व, जानिए क्यों करते हैं पंचक्रोशी यात्रा उज्जैन में.


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