Dhanwantri Vanoshadhi Udyaan In Ujjain

Herbal garden in Ujjain, Medcinal herbal garden in Ujjain, वनौषधि उद्यान उज्जैन मे, दुर्लभ वनौषधि 
herbal garden in ujjain by j.p chaturvediji, madhuban colony
dhanwantri vanaushadhi udyaan

“Dhanwantri Vanoshadhi Udyaan” In Ujjain is developed and managed by Shri J.P. Chaturvedi who is making research on herbal plants since young age. He was a retired from M.P. Police and devoted his full life in making research on ayurvedic medicinal herbal plants. 
Right now more than 400 rare herbal plants are there in Dhanwantari Vanoshadhi udyaan and while talking to him we came to know that he has the knowledge of more than 1000 rare medicinal plants. 
Without taking help of any one he is maintaining this herbal garden all alone. 
No one can think that in a simple colony one can working hard to save the rare herbal plants . He doesn’t go any where only to save and take care these plants all the day. 

भारत मे जड़ी बूटियों का खजाना है जो की धीरे धीरे लुप्त होता जा रहा है, वही कुछ लोग अपना पूरा जीवन इन्ही जड़ी बूटियों को समझने और उन्हें बचाने मे लगा रहे है , उज्जैन मे भी ऐसे कुछ लोग है उन्ही मे से एक है श्री जे.पी. चतुर्वेदी.
“धन्वन्तरी वनौषधि उद्यान” उज्जैन के मधुबन कालोनी मे मौजूद है जिसे श्री जे- पी- चतुर्वेदी जी ने बनाया है और स्वयं ही इसकी देख रेख भी करते हैं. वे वनौषधि के विशेषज्ञ है और मध्य प्रदेश पुलिस डिपार्टमेंट से रिटायर्ड है. अपना पूरा जीवन उन्होंने दुर्लभ वनौषधि को बचाने मे लगा दिया है. 
वर्तमान मे 400 से ज्यादा प्रजातीयां इस उद्यान मे मौजूद है और उन्हें १००० से ज्यादा दुर्लभ वनौषधियों का ज्ञान मूंह जबानी याद है. 
किसी से भी बिना मदद लिए उद्यान ये खुद ही संभाल रहे है. उनसे बात करके ऐसा नहीं लगा की उन्हें इस बात का कोई भी गरूर है. 
सीधे और सच्चे ह्रदय के और प्रकृति प्रेमी है श्री जे-पी-चतुर्वेदीजी. 

दुर्लभ पेड़ :
rare bad tree in ujjain , combination of 5 trees and 5 lataaye
rare tree in ujjain 
इसी धन्वन्तरी वनौषधि केंद्र पर एक दुर्लभ पेड़ है जिसमे ५ दुधिया पेड़ एक साथ है और साथ ही ५ लताये भी है जिनका औषधि और धार्मिक महत्त्व भी बहुत है. 
५ पेड़ है बड़, पीपल, गुलर, खिरनी, पाखड़ 
५ लताएँ है – कचनार, गुंजा, गिले, हडजोड, अनंत मूल या सारिबा 

अगर आप भी इस उद्यान को देखना चाहते है या इसके रख रखाव मे कोई सहयोग करना चाहे तो संपर्क कर सकते हैं. 
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